कर्णपर्व — अध्याय ५९
Arjuna Breaks the Encirclement; Bhīma Reinforces
असौ निवृत्तो राधेयो दृष्टवा ते वानरध्वजम् । प्रार्थयन् समरे पार्थ त्वया सह परंतप
asau nivṛtto rādheyo dṛṣṭvā te vānaradhvajam | prārthayan samare pārtha tvayā saha paraṃtapa ||
संजय बोले—हे परंतप पार्थ! तुम्हारे वानरध्वज को देखकर राधेय (कर्ण) फिर लौट आया है। वह समर में तुम्हारे साथ प्रत्यक्ष युद्ध की अभिलाषा से तुम्हें खोज रहा है।
संजय उवाच