अर्जुनस्य शीघ्रप्रयाणं भीम-शकुनियुद्धं च
Arjuna’s Rapid Advance and the Bhīma–Śakuni Encounter
अर्जुनके द्वारा संशप्तकोंका संहार मेघस्तनितनिर्हाद: स रथो वानरध्वज:
arjunena saṁsaptakānāṁ saṁhāraḥ meghastanita-nirghoṣaḥ sa ratho vānara-dhvajaḥ
संजय बोले—अर्जुन ने संशप्तकों का संहार किया; वानरध्वज से युक्त उसका रथ मेघ-गर्जना के समान गूँज उठा, अडिग संकल्प और युद्ध-परिणामों की कठोर अनिवार्यता का संकेत देता हुआ।
संजय उवाच