अर्जुनस्य शीघ्रप्रयाणं भीम-शकुनियुद्धं च
Arjuna’s Rapid Advance and the Bhīma–Śakuni Encounter
सायकैर्दशभी राजन् भ्रुवोर्मध्ये समार्पयत् । राजन! धनुष कट जानेपर धृष्टद्युम्नकी दोनों भौहोंके मध्यभागमें राजा दुर्योधनने तुरंत ही दस बाणोंका प्रहार किया
sāyakair daśabhī rājan bhruvormadhye samārpayat |
संजय बोले—राजन्, उसने क्षणभर में दस बाणों को शत्रु की दोनों भौंहों के मध्य में गाड़ दिया; यह रणकौशल की तीक्ष्णता और निर्दय निश्चय का प्रमाण था।
संजय उवाच