अर्जुनस्य शीघ्रप्रयाणं भीम-शकुनियुद्धं च
Arjuna’s Rapid Advance and the Bhīma–Śakuni Encounter
संजय कहते हैं--राजन्! पांचालों, चेदियों और केकयोंसे घिरे हुए भीमसेनको स्वयं वैकर्तन कर्णने बाणोंद्वारा अवरुद्ध करके उन्हें आगे बढ़नेसे रोक दिया ।। ततस्तु चेदिकारूषान् सृज्जयांश्न महारथान् । कर्णो जघान समरे भीमसेनस्य पश्यत:,तदनन्तर समरांगणमें कर्णने भीमसेनके देखते-देखते चेदि, कारूष और सूंजय महारथियोंका संहार आरम्भ कर दिया
sañjaya uvāca—rājan! pāñcālān cedikāruṣān kekayāṃś ca parivṛtān api bhīmasenaṃ vaikartanaḥ karṇaḥ śaraiḥ samantād avarudhya tasya gatiṃ nyavārayat. tataḥ sa samare bhīmasenasya paśyataś cedikāruṣān sṛñjayāṃś ca mahārathān kṛtāntavad ajaghanat.
संजय बोले—राजन्! पाँचाल, चेदि, कारूष और केकय से घिरे हुए भीमसेन को वैकर्तन कर्ण ने बाणों की घनी वर्षा से रोककर आगे बढ़ने न दिया। फिर रणभूमि में, भीमसेन के देखते-देखते, कर्ण ने चेदि, कारूष और सृंजय के महारथियों को मार गिराया और उनका दारुण संहार आरम्भ कर दिया।
संजय उवाच