अर्जुनस्य शीघ्रप्रयाणं भीम-शकुनियुद्धं च
Arjuna’s Rapid Advance and the Bhīma–Śakuni Encounter
काजञ्चनस्तम्भसदृशं भिन्न हेमगिरिं यथा । उस समय सब लोगोंने देखा कि सुदक्षिणका छोटा भाई काम्बोजदेशीय वीर जो देखनेमें अत्यन्त प्रिय
उस समय सब लोगों ने देखा कि सुदक्षिण का छोटा भाई—कम्बोज देश का वह वीर, जो देखने में अत्यन्त प्रिय, कमल-दल के समान नेत्रों से सुशोभित और सोने के खम्भे के समान ऊँचे कद का था—मारा जाकर धरती पर ऐसे पड़ा था मानो सुवर्णमय पर्वत टूटकर विदीर्ण हो गया हो।
संजय उवाच