भीमसेनस्य वेगाभिपातः—विशोकसारथिसंवादश्च
Bhīma’s surge and dialogue with charioteer Viśoka
श्रुतकीर्तेस्तथा चापं चिच्छेद निशितै: शरैः । फिर श्रुतकीर्तिको नौ
śrutakīrtes tathā cāpaṃ ciccheda niśitaiḥ śaraiḥ |
संजय बोले—उसने पैने बाणों से श्रुतकीर्ति का धनुष भी काट दिया। फिर उसने श्रुतकीर्ति को नौ, सुतसोम को पाँच, श्रुतकर्मा को आठ, प्रतिविन्ध्य को तीन, शतानीक को नौ, धर्मपुत्र युधिष्ठिर को पाँच तथा अन्य शूरवीरों को दो-दो बाणों से आहत किया।
संजय उवाच