अस्त्रयुद्धे द्रौणिपार्थसंघर्षः — Karṇa’s Bhārgavāstra and the Search for Yudhiṣṭhira
Chapter 45
व्याकुलीकृतमत्यर्थ पश्य सैन्यं किरीटिना । नानामृगसहस्राणां यूथं केसरिणा यथा,“देखो, किरीटधारी अर्जुनने कौरव-सेनाको उसी प्रकार अत्यन्त व्याकुल कर दिया है, जैसे सिंह नाना जातिके सहस्रों मृगोंको भयभीत कर देता है
sañjaya uvāca | vyākulīkṛtam atyarthaṃ paśya sainyaṃ kirīṭinā | nānāmṛga-sahasrāṇāṃ yūthaṃ kesariṇā yathā ||
देखो, किरीटधारी अर्जुन ने सेना को अत्यन्त व्याकुल कर दिया है—जैसे सिंह नाना जाति के सहस्रों मृगों के यूथ को भयभीत कर तितर-बितर कर देता है।
संजय उवाच