Adhyāya 35 — Bhīmasena’s Counter-Encirclement and the Karṇa Engagement Escalation
कुरुष्वाधिरथे वीर मिषतां सर्वधन्विनाम् | युद्धके लिये रथपर बैठे हुए अमिततेजस्वी महाबाहु राधापुत्र कर्णसे दुर्योधनने इस प्रकार कहा--“वीर! अधिरथकुमार! युद्धस्थलमें द्रोणाचार्य और भीष्म भी जिसे न कर सके
युद्ध के लिए रथ पर बैठे हुए अमिततेजस्वी महाबाहु राधापुत्र कर्ण से दुर्योधन ने कहा— “वीर अधिरथकुमार! युद्धभूमि में द्रोणाचार्य और भीष्म भी जो न कर सके, वही दुष्कर कर्म तुम समस्त धनुर्धरों के देखते-देखते कर डालो।”
संजय उवाच