कर्णेन युधिष्ठिरानीकविदारणम् / Karṇa’s Breach of Yudhiṣṭhira’s Battle-Line
महानार्तस्वरो हयासीत् पुराणां पततां भुवि । तान् सो$सुरगणान् दश्ध्वा प्राक्षिपत् पश्चिमार्णवे
भूतल पर गिरते हुए उन पुरों का महान् आर्तनाद उठा। भगवान् ने उन असुरगणों को भस्म करके पश्चिम समुद्र में फेंक दिया।
पितामह उवाच