कर्णस्य दानप्रतिज्ञा–शल्योपदेश–वाक्ययुद्धम्
Karna’s Gift-Vows, Shalya’s Counsel, and the Battle of Words
प्रतिमानेषु कुम्भेषु दन्तवेष्टेषु चापरे । निगृहीता भृशं नागा: प्रासतोमरशक्तिभि:
कहीं-कहीं पैदल सैनिक प्रास, तोमर और शक्तियों से शत्रुपक्ष के हाथियों के कुम्भस्थल, दाँतों के बीच के स्थान और ओठों के ऊपर प्रहार करके उन्हें अत्यन्त काबू में कर लेते थे।
संजय उवाच