Karṇa-parva Adhyāya 19 — Saṃśaptaka–Trigarta Assault and Aindra-astra Counter
सशक्तिप्रासतूणीरानश्वारोहान् हयानपि । पुलिन्दखसबाह्लीकनिषादान्ध्रककुन्तलान्,शक्ति, प्रास और तरकसोंसहित घुड़सवारों तथा घोड़ोंको भी यमलोक पहुँचा दिया। पुलिन्द, खस, बाह्लीक, निषाद, आन्ध्र, कुन्तल, दाक्षिणात्य तथा भोजप्रदेशीय रणकर्कश श्र-वीरोंको अपने बाणोंद्वारा अस्त्र-शस्त्र तथा कवचोंसे हीन करके उनके प्राण हर लिये
saśaktiprāsatūṇīrānaśvārōhān hayān api | pulindakhasabāhlīkaniṣādāndhrakakuntalān |
शक्ति, प्रास और तरकसोंसहित घुड़सवारों तथा घोड़ों को भी उसने यमलोक पहुँचा दिया। पुलिन्द, खस, बाह्लीक, निषाद, आन्ध्र और कुन्तल आदि देशों के रणकर्कश वीरों को अपने बाणों से अस्त्र-शस्त्र और कवचों से हीन करके प्राणहरण कर लिया।
संजय उवाच