आचार्यपुत्रो मेधावी वाक्यज्ञों वाक्यमाददे । युद्धमें प्राणोंकी आहुति देनेकी इच्छा रखनेवाले उन नरेशोंकी चेष्टाएँ देखकर राजा दुर्योधनके प्रातःकालीन सूर्यके समान तेजस्वी मुखकी ओर दृष्टिपात करके वाक्यविशारद, मेधावी आचार्यपुत्र अश्वत्थामाने यह बात कही--
मेधावी, वाक्य-निपुण आचार्यपुत्र अश्वत्थामा ने—युद्ध में प्राणों की आहुति देने को उद्यत उन नरेशों की चेष्टाएँ देखकर और प्रातःकालीन सूर्य के समान तेजस्वी राजा दुर्योधन के मुख की ओर दृष्टि करके—यह बात कही—
संजय उवाच