Droṇa-parva Adhyāya 94: Sātyaki–Sudarśana Yuddha (सात्यकि–सुदर्शन युद्ध)
अपन बछ। हक २ >> द्विनवतितमो< ध्याय: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते | है कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध संजय उवाच संनिरुद्धस्तु तैः पार्थो महाबलपराक्रम: । द्रुतं समनुयातश्न द्रोणेन रथिनां वर:,संजय कहते हैं--रथियोंमें श्रेष्ठ एवं महान् बल और पराक्रमसे सम्पन्न अर्जुन जब उन कौरव सैनिकोंद्वारा रोक दिये गये, उस समय द्रोणाचार्यने भी तुरंत ही उनका पीछा किया
sañjaya uvāca
saṃniruddhas tu taiḥ pārtho mahābala-parākramaḥ |
drutaṃ samanuyātaś ca droṇena rathināṃ varaḥ ||
संजय कहते हैं— महान् बल और पराक्रम से सम्पन्न पार्थ (अर्जुन) जब उन कौरवों द्वारा रोक दिए गए, तब रथियों में श्रेष्ठ द्रोणाचार्य ने भी शीघ्र ही उनका पीछा किया।
संजय उवाच