द्रोणेन सात्यकिपीडनम् — Yudhiṣṭhira’s Charge to Sātyaki amid Droṇa’s Onslaught
अद्य तं॑ पापकर्माणि क्षुद्रें सौ भद्रघातिनम् । अपुनर्दर्शनं मार्गमिषुशि: क्षेप्स्यतेडर्जुन:,आज सुभद्राकुमार अभिमन्युकी हत्या करनेवाले उस नीच पापी जयद्रथको अर्जुन अपने बाणोंद्वारा उस मार्गपर डाल देंगे, जहाँ जानेपर उस जीवका पुनः: इस लोकमें दर्शन नहीं होता
आज उस पापकर्मी, नीच, सौभद्र (अभिमन्यु) के घातक को अर्जुन अपने बाणों से उस मार्ग पर पहुँचा देंगे, जहाँ से फिर इस लोक में दर्शन नहीं होता।
वायुदेव उवाच