दुर्योधनकवचविमर्शः
Duryodhana’s Armor and the Tactical Reassessment
वायुदेव उवाच मा शोकं कुरु वार्ष्णेयि कुमारं प्रति सस्नुषा । सर्वेषां प्राणिनां भीरु निष्ैषा कालनिर्मिता,भगवान् श्रीकृष्ण बोले--वृष्णिनन्दिनी! तुम और पुत्रवधू उत्तरा कुमार अभिमन्युके लिये शोक न करो। भीरु! काल एक दिन सभी प्राणियोंकी ऐसी ही अवस्था कर देता है
वायुदेव बोले—हे वार्ष्णेयि! तुम और पुत्रवधू उत्तरा, कुमार अभिमन्यु के लिए शोक मत करो। हे भीरु! काल एक दिन सब प्राणियों की ऐसी ही दशा कर देता है।
वायुदेव उवाच