Droṇa’s Defensive Stand and Abhimanyu Commissioned to Breach the Cakravyūha (द्रोणानीक-प्रतिरोधः; सौभद्र-नियोजनम्)
सर्वे रक्तपताकाश्ष सर्वे वै हेममालिन: । चन्दनागुरुदिग्धाड़ा ख्रग्विण: सूक्ष्मवासस:,सबके रथोंपर लाल रंगकी पताकाएँ फहरा रही थीं, सबने सोनेकी मालाएँ पहन रखी थीं, सबके अंगोंमें चच्द्रद और अगुरुका लेप किया गया था और सभी फूलोंके गजरों तथा महीन वस्त्रोंसे सुशोभित थे
सबके रथों पर लाल रंग की पताकाएँ फहरा रही थीं; सबने सोने की मालाएँ पहन रखी थीं; सबके अंगों में चन्दन और अगुरु का लेप किया गया था; और सभी फूलों के गजरों तथा महीन वस्त्रों से सुशोभित थे।
संजय उवाच