Bhagadatta’s Astra and the Fall of the Prāgjyotiṣa King (भगदत्त-वधः / वैष्णवास्त्र-प्रसङ्गः)
त॑ प्रयान्तं कुरुश्रेष्ठ स्वान् भ्रातृन् द्रोणतापितान् | सुशर्मा भ्रातृभि: सार्ध युद्धार्थी पृष्ठतोडन्वयात्,द्रोणाचार्यके सताये हुए अपने भाइयोंके पास जाते हुए कुरुश्रेष्ठ अर्जुनको भाइयोंसहित सुशमनि युद्धकी इच्छासे ललकारा और पीछेसे उनपर आक्रमण किया
द्रोणाचार्य से पीड़ित अपने भाइयों के पास जाते हुए कुरुश्रेष्ठ अर्जुन को सुशर्मा ने भाइयों सहित युद्ध की इच्छा से ललकारा और पीछे से उसका पीछा करके आक्रमण किया।
संजय उवाच