Droṇa-parva Adhyāya 25 — Bhīma’s Disruption of Elephant Formations and Bhagadatta’s Shock Advance
सुतसोम॑ तु विक्रान्तमायान्तं तं शरौधिणम् । द्रोणायाभिमुखं वीर॑ विविंशतिरवारयत्,पराक्रमी वीर सुतसोम बाण-समूहोंकी बौछार करता हुआ द्रोणाचार्यके सम्मुख आ रहा था। उसे विविंशतिने रोक दिया
Sutasomaṁ tu vikrāntam āyāntaṁ taṁ śaraughiṇam | Droṇāyābhimukhaṁ vīraṁ viviṁśatir avārayat ||
संजय बोले—पराक्रमी वीर सुतसोम बाणों की वर्षा करता हुआ द्रोणाचार्य के सम्मुख बढ़ रहा था; उसे योद्धा विविंशति ने रोककर ठहरा दिया।
संजय उवाच