दहामाना महानागा: पेतुरुर्व्या समनन््ततः । नदन्तो भैरवान् नादाज्जलदोपमनि:स्वनान्,विशालकाय गजराज दग्ध हो-होकर मेघकी गर्जनाके समान भयंकर चीत्कार करते हुए सब ओर धराशायी होने लगे
sañjaya uvāca | dahāmānā mahānāgāḥ petur urvyā samantataḥ | nadanto bhairavān nādān jaladopama-niḥsvanān |
दग्ध होते हुए विशालकाय गजराज चारों ओर पृथ्वी पर गिरने लगे और मेघ-गर्जना के समान भयंकर नाद करते हुए चीत्कार भरने लगे।
संजय उवाच