नागायुतसमप्राणो हाहमेको नरेष्विह । शक्रो यथाप्रतिद्वन्द्ो दिवि देवेषु विश्रुतः,'यहाँके मनुष्योंमें एक मैं ही ऐसा हूँ, जिसमें दस हजार हाथियोंके समान बल है। जैसे स्वर्गलोक और देवताओंमें केवल इन्द्र ही ऐसे हैं, जिनका दूसरा कोई प्रतिद्वन्द्दी योद्धा नहीं है
यहाँ मनुष्यों में एक मैं ही ऐसा हूँ, जिसमें दस हजार हाथियों के समान बल है। जैसे स्वर्गलोक में देवताओं के बीच इन्द्र ही ऐसे प्रसिद्ध हैं जिनका कोई प्रतिद्वन्द्वी नहीं।
संजय उवाच