इस प्रकार श्रीमह्ाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत नारायणास्त्रमोक्षपर्वमें धृष्टदुम्न और सात्यकिका क्रोधविषयक एक सौ अद्ठदानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ
iti prakāraḥ śrīmahābhārate droṇaparvake antargata-nārāyaṇāstramokṣaparvaṇi dhṛṣṭadyumna-sātyakyoḥ krodhaviṣayaka ekaśatāṣṭanavatitamo 'dhyāyaḥ pūrṇaḥ
इस प्रकार श्रीमहाभारत के द्रोणपर्व के अन्तर्गत नारायणास्त्रमोक्षपर्व में धृष्टद्युम्न और सात्यकि के क्रोध-विषयक एक सौ अट्ठानवेवाँ अध्याय पूर्ण हुआ।
संजय उवाच