क एष कौरवान् दीर्णानवस्थाप्य महारथ:
ka eṣa kauravān dīrṇān avasthāpya mahārathaḥ
युधिष्ठिर बोले—“यह कौन-सा महारथी है, जो बिखरे हुए कौरवों को रोककर फिर से स्थिर कर रहा है?”
युधिछिर उवाच