वर्तमाने तथा युद्धे क्षीयमाणेषु संयुगे । धार्तरिष्टेषु संक़ुद्ध: पिता ते<स्त्रमुदैरयत्,इस प्रकार युद्ध चालू होनेपर जब कौरवयोद्धा क्षीण होने लगे, तब तुम्हारे पिताने अत्यन्त कुपित होकर ब्रह्मास्त्र प्रकट किया
vartamāne tathā yuddhe kṣīyamāṇeṣu saṃyuge | dhārtarāṣṭreṣu saṃkruddhaḥ pitā te 'stram udairayat ||
युद्ध के चलते रहने पर, संग्राम में धार्तराष्ट्र पक्ष के योद्धा जब क्षीण होने लगे, तब तुम्हारे पिता ने अत्यन्त क्रोध में आकर ब्रह्मास्त्र का प्राकट्य किया।
कृप उवाच