शोणितेन परिक्लिन्नो रथाद् भूमिमथापतत्
śoṇitena pariklinno rathād bhūmim athāpatat
संजय बोले—रक्त से लथपथ होकर वह रथ से गिरकर भूमि पर आ पड़ा।
संजय उवाच