अन्योनयं क्रुद्धयोर्घोरं यथा द्विरद्सिंहयो: । तदनन्तर हाथी और सिंहके समान क्रोधमें भरे हुए उन कुरुवंशी और मधुवंशी सिंहोंमें परस्पर घोर युद्ध होने लगा
anyonyam kruddhayor ghoraṁ yathā dvirada-siṁhayoḥ |
तदनन्तर हाथी और सिंह के समान क्रोध से भरे हुए उन कुरुवंशी और मधुवंशी सिंहों में परस्पर घोर युद्ध होने लगा।
संजय उवाच