नानारूपधरैवीैरिे: पूर्ववैरमनुस्मरन् तस्य ज्ञातिर्हि विक्रान्तो ब्राह्मणादो बको हत:,उसके साथ अनेक रूप धारण करनेवाले वीर राक्षस मौजूद थे। वह पहलेके वैरका स्मरण करके वहाँ आया था। उसका कुटु॒म्बी बन्धु ब्राह्मणभक्षी पराक्रमी बकासुर भीमसेनके द्वारा मारा गया था
उसके साथ अनेक रूप धारण करने वाले वीर राक्षस थे। वह पूर्व वैर का स्मरण करके वहाँ आया था; क्योंकि उसका कुटुम्बी, ब्राह्मणभक्षी पराक्रमी बकासुर, भीमसेन के द्वारा मारा गया था।
संजय उवाच