घटोत्कचो विनिर्भिन्न: सूतपुत्रेण मर्मसु
ghaṭotkaco vinirbhinnaḥ sūtaputreṇa marmasu
संजय बोले—सूतपुत्र ने घटोत्कच के मर्मस्थानों को भेद डाला।
संजय उवाच