Droṇa’s Withdrawal, Death, and the Kaurava Rout (द्रोणनिधन-प्रसङ्गः)
उवाच सर्वाश्चव पदातिसड्घान् दुर्योधन: पार्थिव सान्त्वपूर्वम् । उत्सृज्य सर्वे परमायुधानि गृह्नीत हस्तैज्वलितान् प्रदीपान्,पृथ्वीनाथ! उस समय दुर्योधनने समस्त पैदल सैनिकोंसे सान्त्वनापूर्ण वचनोंमें कहा --वीरो! तुम सब लोग उत्तम आयुध छोड़कर अपने हाथोंमें जलती हुई मशालें ले लो'
sañjaya uvāca |
uvāca sarvāṃś ca padātisaṅghān duryodhanaḥ pārthiva sāntvapūrvam |
utsṛjya sarve paramāyudhāni gṛhṇīta hastair jvalitān pradīpān ||
संजय ने कहा—तब राजा दुर्योधन ने समस्त पैदल सैनिकों से सान्त्वनापूर्ण वचनों में कहा—“वीरो! अपने उत्तम आयुध छोड़कर हाथों में जलती हुई मशालें ले लो।”
संजय उवाच