अजिशीर्षे प्रातःसंध्यायां संग्रामवर्णनम् / Dawn-Transition Battle at Ajiśīrṣa
Chapter 161
आशंसते च बीभत्सु युद्धे जेतुं सुदारुणम् । महारथी कर्ण सदा ही अर्जुनके साथ स्पर्धा रखता था और युद्धमें अत्यन्त भयंकर अर्जुनको पराजित करनेका विश्वास प्रकट करता था
āśaṃsate ca bībhatsu yuddhe jetuṃ sudāruṇam | mahārathī karṇaḥ sadā hi arjunena sārdhaṃ spardhāṃ rakṣati sma, yuddhe cātyanta-bhayaṅkaraṃ arjunaṃ parājayituṃ viśvāsaṃ prakaṭayati sma |
संजय बोले—उस अत्यन्त भयंकर युद्ध में भी भीभत्सु (अर्जुन) को जीता जा सकता है—ऐसा कहा जाने लगा। महारथी कर्ण, जो सदा अर्जुन से स्पर्धा रखता था, बार-बार अपना विश्वास प्रकट करता रहा कि वह युद्ध में भयावह अर्जुन को पराजित करेगा।
संजय उवाच