वासवी-शक्तेः प्रयोगः, घटोत्कच-वधोत्तर-शोकः, व्यासोपदेशश्च
The Vāsavī Spear’s Use, Post-Ghaṭotkaca Grief, and Vyāsa’s Counsel
“कौरवेय! तुम्हारे या किसी दूसरेके साथ युद्ध करते समय मेरे हृदयमें किसी तरह भी कोई भय नहीं होगा ।। यदि सर्वेण सैन्येन गुप्तो मां योधयिष्यसि । तथापि न व्यथा काचित् त्वयि स्यान्मम कौरव,“कौरव! यदि सारी सेनासे सुरक्षित होकर तुम मेरे साथ युद्ध करोगे तो भी तुम्हारे कारण मुझे कोई व्यथा नहीं होगी
kauraveya! tvayā vānyena vā saha yuddhaṃ kurvato mama hṛdaye kathaṃcid api bhayaṃ na bhaviṣyati. yadi sarveṇa sainyena gupto māṃ yodhayiṣyasi, tathāpi na vyathā kācit tvayi syān mama, kaurava.
संजय ने कहा—हे कौरवकुल-नन्दन! तुम्हारे साथ हो या किसी दूसरे के साथ, युद्ध करते समय मेरे हृदय में किसी प्रकार का भय नहीं होगा। यदि तुम समस्त सेना की आड़ लेकर भी मुझसे युद्ध करोगे, तब भी तुम्हारे कारण मुझे कोई व्यथा नहीं छुएगी।
सयजय उवाच