द्रोणकर्णयोः निशि संप्रहारः — Night Engagement with Droṇa and Karṇa
ध्वजाश्छत्राणि चापानि चामराणि शिरांसि च | बड़े-बड़े हाथी और घोड़े सब ओर धराशायी होने लगे। ध्वज, छत्र, धनुष, चँवर तथा योद्धाओंके मस्तक कट-कटकर गिरने लगे
dhvajāś chatrāṇi cāpāni cāmarāṇi śirāṃsi ca |
संजय बोले—ध्वज, छत्र, धनुष, चँवर और योद्धाओं के मस्तक कट-कटकर गिरने लगे। चारों ओर बड़े-बड़े हाथी और घोड़े रणभूमि में धराशायी होने लगे।
संजय उवाच