Adhyāya 141 — Night duels: Śaineya and Bhūriśravas; Droṇi and Ghaṭotkaca; Bhīma and Duryodhana
ततो भीमो महाबाहु: संरम्भी दृढविक्रम: । अस्त्रैरस्त्राणि संवार्य शरैरविव्याध सूतजम्,तदनन्तर क्रोधमें भरे हुए सुदृढ़ पराक्रमी महाबाहु भीमसेनने अपने अस्त्रोंद्वारा कर्णके अस्त्रोंका निवारण करके उसे बाणोंसे बींध डाला
tato bhīmo mahābāhuḥ saṃrambhī dṛḍhavikramaḥ | astrair astrāṇi saṃvārya śarair avivyādha sūtajam ||
तब महाबाहु, दृढ़ पराक्रमी और क्रोध से उद्दीप्त भीम ने अपने अस्त्रों से कर्ण के अस्त्रों का निवारण किया और शरों की वर्षा से सूतपुत्र को बेध डाला।
संजय उवाच