कि नु वक्ष्यन्ति ते क्षात्र॑ सैन्यमध्ये पराजिता: । कथं नु सात्यकिर्युद्धे व्यतिक्रान्तो महायशा:,वे सेनाके बीचमें परास्त होकर अपने क्षात्रबलका क्या वर्णन करेंगे? समरांगणमें महायशस्वी सात्यकि किस प्रकार सारी सेनाको लाँचकर आगे बढ़ गये?
ki nu vakṣyanti te kṣātra-sainyamadhye parājitāḥ | kathaṁ nu sātyakir yuddhe vyatikrānto mahāyaśāḥ ||
वे अपनी ही सेना के बीच परास्त होकर अपने क्षात्रबल का क्या वर्णन करेंगे? और महायशस्वी सात्यकि युद्ध में किस प्रकार समूची सेना को लाँघकर आगे बढ़ गया?
संजय उवाच