Varṣa-Parvata-Nivāsinām Varnanam
Description of Regions, Mountains, and Their Inhabitants
पृथोस्तु राजन् वैन्यस्य तथेक्ष्वाकोर्महात्मन: । ययातेरम्बरीषस्य मान्धातुर्नहुषस्य च,राजन! दुर्धर्ष महाराज! वेननन्दन पृथु, महात्मा इक्ष्वाकु, ययाति, अम्बरीष, मान्धाता, नहुष, मुचुकुन्द, उशीनरपुत्र शिबि, ऋषभ, इलानन्दन पुरूरवा, राजा नृग, कुशिक, महात्मा गाधि, सोमक, दिलीप तथा अन्य जो महाबली क्षत्रिय नरेश हुए हैं, उन सभीको भारतवर्ष बहुत प्रिय रहा है
sañjaya uvāca |
pr̥thos tu rājan vainyasya tathekṣvākor mahātmanaḥ |
yayāter ambarīṣasya māndhātur nahuṣasya ca ||
राजन्! यह भारतवर्ष वेननन्दन पृथु को, महात्मा इक्ष्वाकु को, ययाति और अम्बरीष को, तथा मान्धाता और नहुष को भी अत्यन्त प्रिय रहा है।
संजय उवाच