Chapter 89: Bhīma dispatched to protect Ghaṭotkaca amid escalating engagements
निमेषार्थेन कौन्तेयं भीष्म: शान्तनवो युधि । अदृश्यं समरे चक्रे शरजालेन भागश:,शान्तनुनन्दन भीष्मने युद्धस्थलमें आधे निमेषमें ही पृथक्ू-पृथक् बाणोंका जाल-सा बिछाकर कुन्तीनन्दन युधिष्ठिरको अदृश्य कर दिया
nimeṣārthena kaunteyaṁ bhīṣmaḥ śāntanavo yudhi | adṛśyaṁ samare cakre śarajālena bhāgaśaḥ ||
संजय बोले—युद्ध में शान्तनुनन्दन भीष्म ने आधे निमेष में ही अलग-अलग बाणों का जाल बिछाकर कुन्तीनन्दन युधिष्ठिर को दृष्टि से ओझल कर दिया।
संजय उवाच