भीष्म-युधिष्ठिर-संमर्दः
Bhīṣma’s Pressure on Yudhiṣṭhira; Śikhaṇḍī’s Approach; Evening Withdrawal
षड्भिश्न तस्य चिच्छेद ज्वलन्तं ध्वजमुत्तमम् । छित्त्वा तं च ननादोच्चैस्तव पुत्रस्य पश्यत:
इसके बाद उसने छह बाणों से उसकी प्रभा से दीप्त उत्तम ध्वजा को खण्ड-खण्ड कर दिया। और आपके पुत्र के देखते-देखते उस ध्वज को काटकर भीमसेन ने ऊँचे स्वर से सिंहनाद किया।
संजय उवाच