Makara-vyūha and Krauñca-prativyūha at Sunrise (मकरव्यूहः क्रौञ्चप्रतिव्यूहश्च)
संजय उवाच पुण्यं श्रुत्वैतदाख्यानं महाराज सुतस्तव । केशवं बहु मेने स पाण्डवांश्व महारथान्,संजय कहते हैं--महाराज! भीष्मजीके मुखसे यह पवित्र आख्यान सुनकर तुम्हारे पुत्रने भगवान् श्रीकृष्ण तथा महारथी पाण्डवोंको बहुत महत्त्वशाली समझा
sañjaya uvāca puṇyaṃ śrutvaitad ākhyānaṃ mahārāja sutastava | keśavaṃ bahu mene sa pāṇḍavāṃś ca mahārathān ||
संजय बोले—महाराज! भीष्म के मुख से यह पुण्य आख्यान सुनकर आपके पुत्र ने केशव और महारथी पाण्डवों को अत्यन्त महत्त्वशाली और प्रबल समझा।
संजय उवाच