Chapter 7: Dvīpa–Varṣa–Meru-varṇana
Description of the Dvīpa, Varṣas, and Mount Meru
मिथुनं जायते काले सम॑ तच्च प्रवर्धते । तुल्यरूपगुणोपेतं समवेषं तथैव च,वहाँ स्त्री-पुरुषोंके जोड़े एक ही साथ उत्पन्न होते और साथ-साथ बढ़ते हैं। उनके रूप, गुण और वेष सब एक-से होते हैं
mithunaṁ jāyate kāle samaṁ tac ca pravardhate | tulyarūpaguṇopetaṁ samaveṣaṁ tathaiva ca ||
संजय बोले—वहाँ समय आने पर स्त्री-पुरुषों के जोड़े एक साथ उत्पन्न होते हैं और साथ-साथ बढ़ते हैं। उनके रूप, गुण और वेष भी समान होते हैं।
संजय उवाच