Adhyāya 65: Dawn Assembly, Makara–Śyena Vyūhas, and Commander Engagements
तमुद्यतगद दृष्टवा कैलासमिव शृज्िणम् । भीमसेनं महाबाहें पुत्रास्ते प्राद्रवन्ू भयात्,गदा उठाये हुए महाबाहु भीमसेनको एक शिखरसे युक्त कैलास पर्वतके समान उपस्थित देख आपके सभी पुत्र भयके मारे भाग गये
tam udyatagadāṃ dṛṣṭvā kailāsam iva śṛṅgiṇam | bhīmasenaṃ mahābāho putrās te prādravan bhayāt ||
संजय बोले—गदा उठाए हुए महाबाहु भीमसेन को शिखरों से युक्त कैलास पर्वत के समान उपस्थित देखकर आपके पुत्र भय के मारे भाग गए।
संजय उवाच