Adhyāya 65: Dawn Assembly, Makara–Śyena Vyūhas, and Commander Engagements
सत्यव्रतश्न भद्रें ते पुरुमित्रश्न भारत । एते मद्राधिपरथं पालयन्त: स्थिता रणे
भारत! आपका कल्याण हो। सत्यव्रत और पुरुमित्र भी—ये सब रण में मद्राधिपति के रथ की रक्षा करते हुए डटे हुए थे।
संजय उवाच