Vāsudeva-Māhātmya: Duryodhana’s Inquiry and Bhīṣma’s Theological Account of Keśava
निहत्य भीष्मं सगणं तथा55जौ द्रोणं च शैनेय रथप्रवीरौ । प्रीतिं करिष्यामि धनंजयस्य राज्ञक्ष॒ भीमस्य तथाश्रिनोक्ष
सात्यकि! सहायकगणों सहित भीष्म और द्रोण—इन दोनों रथ-प्रवीरों को युद्ध में मारकर मैं धनंजय अर्जुन, राजा युधिष्ठिर तथा भीमसेन को प्रसन्न करूँगा।
संजय उवाच