Vāsudeva-Māhātmya: Duryodhana’s Inquiry and Bhīṣma’s Theological Account of Keśava
तस्मिंस्तथा घोरतमे प्रवृत्ते शड्खस्वना दुन्दुभिनिःस्वनाश्न । अन्तर्तिता गाण्डिवनि:स्वनेन बभूवुरुग्राश्चरथप्रणादा:
इस प्रकार उस अत्यन्त भयंकर संग्राम में शंख-ध्वनि, दुन्दुभि-ध्वनि तथा घोड़ों और रथों के पहियों के उग्र शब्द भी गाण्डीव की टंकार के सामने दब गए।
संजय उवाच