Vāsudeva-Māhātmya: Duryodhana’s Inquiry and Bhīṣma’s Theological Account of Keśava
स तानभीषून् पुनराददान: प्रगृह्द शड्खं द्विषतां निहन्ता । निनादयामास ततो दिशश्व स पाउ्चजन्यस्य रवेण शौरि:
शत्रुओं का संहार करने वाले शौरि श्रीकृष्ण ने फिर से बागडोर संभाली, शंख उठाया और पाञ्चजन्य की गर्जना से समस्त दिशाओं को गुंजा दिया।
संजय उवाच