भीष्मधनंजयद्वैरथम्
Bhīṣma–Dhanaṃjaya Duel and the Opening Clash
ते मन: क्रूरमाधाय समभित्यक्तजीविता: । पाण्डवानभ्यवर्तन्त सर्व एवोच्छितध्वजा:,तब उन सबने मनको कठोर बनाकर प्राणोंका मोह छोड़कर ऊँची ध्वजाएँ फहराते हुए पाण्डवोंपर आक्रमण किया
te manaḥ krūram ādhāya samabhityaktajīvitāḥ | pāṇḍavān abhyavartanta sarva evochchhitadhvajāḥ ||
तब वे सब मन को कठोर बनाकर, जीवन की आसक्ति त्यागकर, ऊँची ध्वजाएँ उठाए पाण्डवों पर टूट पड़े।
संजय उवाच