भीष्मपर्व — अध्याय 54: फल्गुन-प्रतिरोधः, सौबली-व्यूह-विध्वंसः, दुर्योधन-भीष्म-संवादः
ऑपनआ प्रात छा 2 पजञ्चाशत्तमो<्ध्याय: युधिष्ठिरकी चिन्ता
संजय बोले—भरतश्रेष्ठ! प्रथम दिन सेनाओं के हट जाने पर, भीष्म युद्ध के लिए उद्यत थे और दुर्योधन भी हर्षित था।
संजय उवाच