गौरुडव्यूह-रचना तथा अर्धचन्द्र-प्रत्यव्यूह
Garuḍa Array and the Ardhacandra Counter-Formation
भीष्म॑ं समभिदुद्राव जलौघ इव पर्वतम् । उस समय उनकी आँखें क्रोधसे लाल हो रही थीं। वे हाथमें दण्ड लिये यमराजके समान जान पड़ते थे। जैसे महान् जलप्रवाह किसी पर्वतसे टकराता हो, उसी प्रकार वे गदा लिये भीष्मकी ओर दौड़े ।।
वे भीष्म पर ऐसे टूट पड़े जैसे जल का प्रचण्ड प्रवाह पर्वत से टकरा जाए। उस समय उनकी आँखें क्रोध से लाल हो उठी थीं। हाथ में दण्ड लिये वे यमराज के समान प्रतीत होते थे। जैसे महान् जलप्रवाह पर्वत से भिड़ता है, वैसे ही वे गदा लिये भीष्म की ओर दौड़े।
संजय उवाच