गौरुडव्यूह-रचना तथा अर्धचन्द्र-प्रत्यव्यूह
Garuḍa Array and the Ardhacandra Counter-Formation
वादित्रनिनदैघेरिर्नृत्यति सम समन्ततः । राजन! श्वेतको मारा गया देख आपका पुत्र दुःशासन बाजे-गाजेकी भयंकर ध्वनिके साथ चारों ओर नाचने लगा
vāditra-ninadaiḥ ghoraiḥ nṛtyati sama-samantataḥ | rājan! śvetako mārā gayā; dekh āp kā putra duḥśāsana bāje-gāje kī bhayaṅkara dhvani ke sātha cāroṃ or nācne lagā ||
संजय बोले—राजन्! बाजों और वाद्यों की भयंकर ध्वनि के बीच चारों ओर नृत्य होने लगा। ‘श्वेतक मारा गया!’ यह सुनकर आपका पुत्र दुःशासन, बाजे-गाजे के उस भीषण कोलाहल में उन्मत्त होकर, चारों ओर नाचने लगा।
संजय उवाच