Bhīmasena’s Kalinga Engagement and the Approach of Bhīṣma (भीमसेन-कालिङ्ग-संग्रामः)
अभिनीताश्च शिक्षाभिस्तोत्रांकुशसमाहता: । अप्रभिन्ना: प्रभिन्नानां सम्मुखाभिमुखा ययु:
जिन्हें अनेक प्रकार की शिक्षाएँ दी गई थीं और जिनका मद अभी प्रकट नहीं हुआ था, वे हाथी तोत्र और अंकुश की चोट खाकर सामने खड़े मदस्रावी गजराजों के सम्मुख जाकर युद्ध के लिए डट गए।
संजय उवाच