Droṇa–Dhṛṣṭadyumna-yuddha (द्रोण-धृष्टद्युम्न-युद्धम्) — Tactical duel and allied interventions
विस्मय: सर्वभूतानां समपद्यत भारत । भारत! वे दोनों महामनस्वी अस्त्रविद्याके विद्वान् तथा विचित्र प्रकारसे युद्ध करनेवाले थे। उन्हें देखकर समस्त प्राणियोंको बड़ा विस्मय हुआ || २० है ।। दुःशासनस्तु नकुलं प्रत्युद्याय महाबलम्
vismayaḥ sarvabhūtānāṃ samapadyata bhārata | bhārata! tau dvau mahāmanasvī astravidyāyāḥ vidvāṃsau tathā vicitra-prakāreṇa yuddha-karaṇau tau dṛṣṭvā samasta-prāṇināṃ mahān vismayaḥ abhavat || duḥśāsanas tu nakulaṃ pratyudyāya mahābalam ||
संजय बोले—हे भारत! समस्त प्राणियों को बड़ा विस्मय हुआ। वे दोनों महामनस्वी अस्त्रविद्या के विद्वान् और विचित्र रीति से युद्ध करने वाले थे; उन्हें देखकर सब जीव आश्चर्य से भर उठे। तब महाबली दुःशासन नकुल के सामने बढ़ा।
संजय उवाच