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Shloka 9

Bhīṣma Parva, Adhyāya 4 — Dhṛtarāṣṭra–Vyāsa Saṃvāda on Kāla and Jayalakṣaṇa

Signs of Victory

संजय उवाच यथाप्रज्ञं महाप्राज्ञ भौमान्‌ वक्ष्यामि ते गुणान्‌ | शास्त्रचक्षुरवेक्षस्व नमस्ते भरतर्षभ,संजयने कहा--महाप्राज्ञ! मैं अपनी बुद्धिके अनुसार आपसे इस भूमिके गुणोंका वर्णन करूँगा। भरतश्रेष्ठी आपको नमस्कार है; आप शास्त्रदृष्टिसे इस विषयको देखिये और समझिये

संजय ने कहा—महाप्राज्ञ! मैं अपनी बुद्धि के अनुसार आपको इस पृथ्वी के गुणों का वर्णन करूँगा। भरतश्रेष्ठ! आपको नमस्कार है; आप शास्त्र-दृष्टि से इस विषय को देखिए और समझिए।

संजय उवाच